तेरा ग़म देखते ही बिखर जाते हैं, हम बहुत सोचते हैं पर बिगड़ जाते हैं।

 तेरे जाने के बाद घर सूना सूना लगता है,

हर दीवार तेरा नाम दोहराती है।

दरवाज़े की घंटी बिन तेरे बेजान है,

इत्र की बोतल भी कम सुगंध लगाती है।

तू था तो खिड़की से चाँद दिखता था,

अब तो धूप भी पराई सी आती है।I am sending you this app that you may be interested.


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