शहर कितना भी महफ़िल खेमे, बिन तेरे हर गली वीरान लगती है।

 कोई पूछे मुझसे दोस्ती का मतलब, तो तेरा नाम लूँ,

तेरे हँसने को सुबह की पहली किरण समझ लूं।

ज़िंदगी जब भी रुलाती है, मैं तुझको याद करता हूँ,

और जब तू रुलाए, तो खुद से ही लड़ता हूँ।

दोस्ती में उलझनें तो आती हैं हर मोड़ पर,

लेकिन जो तू आता है सामने, मैं सब हिसाब भूल जाता हूँ।I am sending you this app that you may be interested.



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